जब जीवन में कोई भारी संकट आ जाए, व्यापार डूब रहा हो, बीमारी पीछा न छोड़ रही हो या कोई विशेष मनोकामना हो, तो 11 दिन का 'हनुमान संकल्प' अमोघ बाण की तरह काम करता है। आइए जानते हैं इसे करने की सही प्रक्रिया:
यह अनुष्ठान मंगलवार या शनिवार के दिन से शुरू करें। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। अपने दाहिने हाथ में थोड़ा सा जल, चावल (अक्षत) और एक फूल लें।
भगवान के सामने कहें: "हे हनुमान जी, मैं (अपना नाम और गोत्र बोलें), आज से 11 दिन तक आपके 11 (या 21/100) पाठ प्रतिदिन करने का संकल्प ले रहा हूँ। मेरी यह मनोकामना (अपनी इच्छा बताएं) पूर्ण करें।" इसके बाद जल को जमीन पर या किसी बर्तन में छोड़ दें।
11 दिन तक उसी समय (जो समय आपने पहले दिन चुना हो) हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें। चमेली के तेल या घी का दीपक जलाएं। भगवान को गुड़ और चने या बूंदी का भोग लगाएं। इसके बाद एकाग्रचित्त होकर चालीसा का पाठ करें।
11वें दिन पाठ पूरा होने के बाद, हनुमान जी को विशेष भोग (जैसे चोला चढ़ाना या बूंदी के लड्डू) अर्पित करें। अपनी क्षमता अनुसार बंदरों को केले खिलाएं या किसी गरीब को भोजन कराएं। भगवान को धन्यवाद दें।